Tuesday, January 27, 2009

No Time

Everyday there are so many things to write, but there is no time. This poem says so in Hindi:

हर खुशी है लोगों के दामन में,
पर एक हंसी के लिये वक़्त नही.
दिन रात दौडती दुनिया में,
ज़िन्दगी के लिये ही वक़्त नही.

मां की लोरी का एहसास तो है,
पर मां को मां कहने को वक़्त नही.
सारे रिश्तों को तो हम मार चुके,
अब उन्हे दफ़नाने को भी वक़्त नही.

सारे नाम मोबाइल में हैं,
पर दोस्ती के लिये वक़्त नही.
गैरों की क्या बात करें,
जब अपनों के लिये ही वक़्त नही.

आंखों मे है नींद बडी,
पर सोने को वक़्त नही.
दिल है गमों से भरा हुआ,
पर रोने को भी वक़्त नही.

पैसों की दौड मे ऐसे दौडे,
की थकने को भी वक़्त नही.
पराये एह्सासों की क्या कद्र करें,
जब अपने सपनों के लिये ही वक़्त नही.

तू ही बता ऐ ज़िंदगी,
इस ज़िंदगी का क्या होगा,
कि हर पल मरने वालों को,
जीने के लिये भी वक़्त नही.......

'Always keep smiling and be happy. Life is too short to complain.'

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